" ध्यान के चमत्कार "

 

मेरा नाम K. महालक्ष्मी है। मैं 37 वर्ष की हूँ और शिमोगा, चन्नागिरी, डिस्ट्रिक्ट देवनगिरी, कर्नाटक की रहने वाली हूँ और एक गृहिणी हूँ। पिछले 11 साल से ब्रेन-ट्‌यूमर से परेशान थी। तब ऑपरेशन भी करवाया था पर अब डाक्टरों ने 26 जुलाई 2010 को दूसरे ऑपरेशन की तारीख तय कर दी थी। मैं बहुत परेशान थी। अपनी छोटी बहन के कहने पर मैंने श्रीकृष्ण पिरामिड मेडिटेशन सेंटर, डिस्ट्रिक्ट बल्लारी, कर्नाटक में 41 दिन का ध्यान किया। इससे मेरा ट्‍यूमर 85% ठीक हो गया। उसके बाद मैंने पिरामिड वैली आकर 41 दिन का ध्यान किया। ध्यान के दौरान मुझे अनेक अनुभव हुए। मुझे हिमालय देखने की हार्दिक इच्छी थी। एक दिन ध्यान के दौरान मुझे मुक्तेश्‍वर बाबा ने हाथ पकड़कर एस्ट्रल ट्रेवल में हिमालय के सभी महत्त्वपूर्ण ऊर्जा स्थलों का दर्शन करा दिया।

 

अब मैं 99% ठीक हूँ। इतने सालों की बीमारी कुछ दिन के ध्यान से ठीक हो गई। है तो आश्‍चर्य की बात पर मेरे साथ तो यह हुआ है। अब मैं खुद को स्वस्थ महसूस करती हूँ और अपने सभी काम खुद करती हूँ।

 

मेरा सबको यही संदेश है जितना हो सके, ध्यान करें और समस्याओं से छुटकारा पाएँ। मैं अपनी छोटी बहन, शिरिगुप्पा के पिरामिड मास्टर्स, प्रसाद सर और ब्रह्मर्षि पत्री जी को हार्दिक धन्यवाद देती हूँ।

 

K. महालक्ष्मी
चन्नागिरी

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