" ध्यान के चमत्कार " 

 

मेरा नाम श्रीकान्त है। मैं उन्नीस साल का हूँ और हैदराबाद में रहता हूँ। चार साल पहले पन्द्रह वर्ष की आयु में ही मुझे हडिड्यों का असाध्य रोग रूमेटॉयड अर्थराइटस हो गया जो सामान्यत: साठ साल की उम्र में किसी को होता है। मेरे हाथ पैर कमजोर होते जा रहे थे और मैं उठ -बैठ पाने में कठिनाई महसूस करने लगी थी, कोई चीज़ पकड़ पाना भी मुश्किल हो गया था. ऊपर - नीचे आना जाना तो सोच भी नहीं सकता था। एलोपैथी, हेमियोपैथी, आयुर्वेद सभी प्रकार की चिकित्सा पध्दतियों को मैंने आज़माया पर कोई लाभ न हुआ। लगा कि जीवन पर्यन्त मुझे इस रोग को झेलना होगा। मंत्र-तंत्र भी मुझे पर कोई असर न कर पाए।     

 

एक दिन मुझे एक पिरामिड मास्टर मिले। उन्होंने मुझसे विश्वास के साथ नियमपूर्वक ध्यान करने को कहा। तीन महीने के पिरामिड ध्यान से मैं 90% स्वस्थ हो गया और अब तो दिन ब दिन स्वस्थ्य लाभ कर रहा हूँ। पिछ्ले वर्ष तक मैं बोर्ड पर लिखे अक्षरों को पढ़ नहीं पाता था और अब मैं आराम से सब कुछ पढ़ लेता हूँ। मैं अब बी.टेक. दि्वतीय वर्ष का छात्र हूँ। पढ़ाई से समय निकाल कर ध्यान प्रचार भी करता हूँ। जब भी सोसाइटी की तरफ से कोई बड़ा समारोह होता है तो मैं उसमें अपनी सेवाएँ भी देता हूँ। मैं चाहता हूँ सभी लोग ध्यान की शक्ति को अनुभव करें और इससे लाभान्वित हों। सभी ध्यानियों,पिरामिड मास्टरों तथा पत्री जी को मेरा नमस्कार स्वीकार हो।   

                                    

श्रीकान्त
 फोन : +91 9293942698

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